Monday, March 11, 2019

बाँईं करवट

ज़िन्दगी हर रोज़ अब मेरी बाँईं करवट पर सोने लगी है
आजकल वो मूई नींद, मुझ पर भी मेहरबां होने लगी है

ऐसा क्या किया था मैंने कि ऐसे प्यार का हकदार हूँ मैं?

Life, now has begun to sleep everyday on my left side,
Even the wretched sleep too has been generous to me, 

What had I done that I am deserving of love like this?

Tuesday, March 5, 2019

रोज़ की बात

इस रोज़, उस रोज़ की बात की बात
सवाल से छेड़ते थे झिझकते से हाथ

घूमते-टहलते हम बड़ी बात करते हैं।

Today, the talk of what'd happened other day,
Of hesitating hands wishing to ask questions,

Walking-strolling we seem to talk about a lot.