Monday, March 29, 2021

धूल

पुरानी डायरी पर से धूल झाड़ रहा था 
साथ कुछ अक्षर भी टपक गए पन्नों से 

गर्मियों में बारिश महकी थी कमरे में। 

As I was dusting that forgotten diary,
A few letters dripped from the pages,

That summer room smelt of petrichor.

Friday, October 16, 2020

आदतें

कुछ आदतें हमें सामने नज़र नहीं आतीं
महसूस होता है मगर, जब छूट जातीं हैं

लंबी उदासियों को शक़ होता है ख़ुशी पर।


There are some habits we can never see
But they're always felt when they're lost

Old sorrows are suspicious of happiness.

Friday, August 28, 2020

ख़याल

आसमान डूब गया है सूरज के पीछे
उफ़क़ पोंछ मिटा दिया है समंदर ने

मेरे ख़यालों की मेरी एक क़ायनात।

The sky has sunk behind the sun
The horizon wiped off by the sea

My thoughts and my world within.

Wednesday, August 26, 2020

बदलाव

मौसम बोलते हैं बदलती आवाज़ों में
ज़मीन जवाब में मिज़ाज बदलती है

जो बात बदलती नहीं, वो है बदलाव।

The weathers speak in changing voices,
The earth replies with changing moods,

Change, one thing which never changes.

Tuesday, August 25, 2020

अहम्

जैसा आज मिला हूँ, वैसा कल न रहूँगा
खुद की खोज क्या फिर बेमानी होती है

सफर इसलिए शायद मंज़िल से अहम् है।


How I find myself today, I won't be the same tomorrow
Then, is there no meaning to one's search for one's self

Perhaps why the journey is bigger than the destination.

Friday, August 21, 2020

वजह

कल मैं गहरे पानी में था
आज भी वहीँ, डूबा नहीं

रौशनी की वजह है अँधेरा।


I was in deep waters yesterday,
Today as well but not drowned,

It's light, because there's dark.

Wednesday, August 19, 2020

टुकड़ा

कुछ सुना था मैंने, बातों ही बातों में
लफ्ज़ याद नहीं, इक गूँज सी है बस

वक़्त का एक टुकड़ा गुम हो गया है।


I'd heard it amidst all the talk,
Words forgotten; just an echo,

A piece of time has been lost.