Wednesday, December 13, 2017


अपने आज में तुम्हें पाता हूँ तो जी लूँ मैं आज
कल की अनजान ज़िन्दगी कल ही में जियूँगा

बेफ़िक्र साथ बैठी रहो, घड़ी मैंने बंद कर दी है।

As I find you in my today, I'll live in it fully
The unknown of tomorrow, is for tomorrow

Simply sit with me, I've turned off the watch.

No comments:

Post a Comment