Tuesday, February 16, 2016

गुँजाइश

शहर तो एक ही है पर, मीलों का फ़ासला
नज़रों की न सही आवाज़ की गुँजाइश है

बड़ा मन है गाने का आज, फ़ोन करूँ तुम्हे?

In the same city, yet a distance of miles,
Sight might not be but sound's possible,

Really feel like singing, can I call you?

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